पित्त की थैली की पथरी को दूर करने के घरेलू उपाय

आजकल किडनी में स्टोन्स की प्रॉब्लम आम हो गयी है। वो इसलिए क्योंकि आजकल का खान -पान सही नही है क्योंकि आजकल हर चीज में मिलावट होती है जिसके कारण किडनी में स्टोन्स बनने शुरू हो गए हैं। जब नमक और अन्य खनिज एक दूसरे के टच में आते हैं और अगर पेशाब करते समय पेशाब गाहड़ा आये तो उसे किडनी की पथरी के रूप में जाना जाता है।
 
आपको पता है किडनी की पथरी अलग-अलग होती है ओर पथरी होने के कुछ मुख्य कारण होते हैं जैसे :- जब हम समय पर खाना नही खाते और जिसके कारण थैली लम्बे टाइम तक भरी रहती है ओर पाचक रस का पित्त की थैली में जमाव शुरू होने लगता है जिसके कारण वो धीरे - धीरे पथरी का रूप धारण कर लेता है।

 
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पथरी के  लक्षण :-

1. पथरी होने पर पेट की नाभि के ऊपर, दाहिनी ओर नीचे की तरफ तेज दर्द होता है।

2. भोजन करने के बाद दर्द ज्यादा होता है।

3. तेज दर्द के साथ रोगी को उल्टी भी होने लगती है।

4. पेट के ऊपरी भाग में गाँठ का का अनुभव भी हो सकता है।

5. तेज ज्वर और कंपकपी भी हो सकती है।

6. पीलिया के रोगी को पथरी होने की ज्यादा सम्भावना रहती है।

पथरी को दूर करने के घरेलू उपाय :-

1 . रेड के पते, सोंठ, वरुण की छाल और गोखरू का काढ़ा बनाकर सुबह सेवन करने से पथरी जल्दी खत्म हो जाती है।

2 . वरुण वृक्ष की छाल का काढ़ा पीने से पित्ताशय की पथरी दूर होकर निकल जाती है।

3 . सोंठ, गोखरू व वरुण की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से पथरी खत्म होती है।

4 . गाजर का रस 250 ग्राम हर रोज पीने से पथरी की शिकायत दूर होती है।


 5 . 200 ग्राम अंगूर का रस हररोज पीने से या अंगूर को खाने से पथरी धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।

6 . सागोन, अंकोल, कमल के फूल, निर्मली फल और करीर सबको बराबर लेकर पीसकर चूर्ण बनाएं। 3 ग्राम चूर्ण में थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर हल्के गर्म पानी से सेवन करने पर बहुत लाभ होता है।

7 . छोटी कटेरी,बड़ी कटेरी,गोखरू,रेड्ड की सौर और ताल मखाने को दूध में पीसकर, दिन में मिलाकर सेवन करने से एक हफ्ते में पथरी खत्म होती है।

8 . सोंठ का 5 ग्राम का चूर्ण हल्के गर्म पानी के साथ हररोज कुछ दिनों तक सेवन करने से पथरी की शिकायत दूर होती है।

9 . कलमी शोरा 25  ग्राम, केले के तने का रस 30 ग्राम दूध में मिलाकर पीने से पथरी टूट क्र निकल जाती है।

10 . कुलथी और इन्द्रायण की जड़ का काढ़ा बनाकर पीने से पथरी में बहुत लाभ होता है।

11 . गोखरू सोंठ, पाषाण भेद, मकोय  और वरुण की छाल को कूटकर पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। इस काढ़े में यवक्षार मिलाकर पीने से लाभ होता है।

12 . पपीते की 20 ग्राम जड़ पीसकर पानी में मिलाकर कपडे से छानकर सेवन करने से पथरी नष्ट होती है।


13 . यवक्षार और कड़वी तुम्बी का रस मिलाकर मिश्री डालकर  पीने से पथरी नष्ट होती है।

14 . हररोज सीताफल के 25 ग्राम रस में सेंधा नमक मिलाकर पीने से पथरी टूट कर निकल जाती है।

15 . केले के वृक्ष के तने का रस थोड़ी-सी मिश्री मिलाकर पीने से कुछ दिनों में पथरी टूट कर निकल जाती है।

जो भी  ऊपर लक्षण और उपचार दीये गए हैं वो इसलिए तांकि  आपको फ्यूचर में कोई प्रॉब्लम ना हो  और आप तन्दरुस्त रह सको। अगर आपको इन सबकी जानकारी होगी तभी तो आप दूसरों को बता सकोगे और सब तन्दरुस्त रहेंगे।

मे आशा करता हूँ की मेरे दुबारा दिए गए इन उपायो को आप जरूर अपनाओगे और आपको इनका लाभ भी मिलेगा अगर मेरे दुआरा दिए गए घरेलू उपाय से आप खुश है तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि और भी लोग इसका लाभ उठा सके
धन्यबाद

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